नमन् करूँ बलिदानी माटी को,
जहाँ शक्ति, साहस, स्वाभिमान है
ये नया हिन्दुस्तान है,
पूर्वजों का अवदान है,
शूरवीरों का बलिदान है,
ये न्यारा हिन्दुस्तान हमारा,
प्यारा हिन्दुस्तान है ।
अब दुश्मन की आँखों में आँखें डालके सबक सिखाते हैं
दुश्मन के घर घुसके अब, हम उसको धूल चटाते हैं
नवल गगन है, नवल जतन है, नई बुनियाद बनाते हैं
तिरंगा अपनी कीर्ति पताका, रच रहा नया कीर्तिमान है
ये नया हिन्दुस्तान है ...
जन जीवन उज्ज्वल-उज्ज्वल, रहन-सहन धवल-धवल
विध-विधान मंगल-मंगल, सर्व सुखी हों सरल-सरल
विश्व भारती की ऋचाएँ, राष्ट्र भावना छलल-छलल
नई सोच है, नया रूधिर है, अपना देश हुआ आयुष्मान् है
ये नया हिन्दुस्तान है ...
कृषि कर्म अब कुंदन हुआ, कृषकों का है दर्द जाना
निज कौशल निज साधन से स्वदेशी को है कर्म ठाना
विश्व शांति रीत हमारी, "वसुधैव कुटुम्ब" धर्म माना
संकट देखा हाथ बढाया, अब जग में होता भारतगान है
ये नया हिन्दुस्तान है ...
लोकनाथ साहू 'ललकार'
नवा रायपुर छग
सम्पर्क: 9981442332