हिंदू ज्योतिष में नवग्रहों के राशि परिवर्तन को बहुत अहम माना गया है। जब भी कोई बड़ा ग्रह एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करता है तो इसका असर सभी राशियों के जातकों पर होता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक शुक्र का सिंह राशि में गोचर आज 7 जुलाई को सुबह 3:59 बजे हो चुका है। शुक्र देव सिंह राशि में 23 जुलाई 2023 की सुबह 6:01 बजे वक्री चाल शुरू करेंगे और फिर वक्री चाल में ही 7 अगस्त 2023 को सुबह 11:32 बजे कर्क राशि में वापस लौट जाएंगे, जहां पर 4 सितंबर 2023 की सुबह 6:17 बजे यह वक्री से मार्गी अवस्था में आएंगे। इसके बाद 2 अक्टूबर 2023 को 00:45 बजे शुक्र ग्रह एक बार फिर सिंह राशि में गोचर करेंगे।
पौराणिक मान्यता है कि शुक्र ग्रह को दैत्य गुरु के नाम से भी जाना जाता है। जैसे देव गुरु बृहस्पति देवताओं के गुरु हैं उसी प्रकार शुक्राचार्य को दैत्यों का गुरु माना जाता है। कुंडली में शुक्र की स्थिति अच्छी होने पर ही किसी व्यक्ति को भोग, विलास सहित सभी प्रकार की सुख सुविधाएं प्राप्त होती है। शुक्रदेव की कृपा से ही दांपत्य जीवन खुशहाल होता है।
मेष राशि : शुक्रवार को चावल की खीर बनाकर मां दुर्गा को भोग लगाएं। कन्याओं को भी बांटे और आखिर में खुद प्रसाद ग्रहण करें।
वृषभ राशि : आपके लिए शुक्र मंत्र का जाप करना फायदेमंद हो सकता है।
मिथुन राशि: शुक्र ग्रह की कृपा प्राप्त करने के लिए शुक्रवार के दिन शुक्र के मंत्र का जाप करें।
कर्क राशि: आपको भगवान श्रीराम की उपासना करनी चाहिए।
सिंह राशि: आपको अपने जीवनसाथी को कोई उपहार भेंट करना चाहिए।
कन्या राशि: आपको श्री सूक्त का पाठ करना चाहिए।
तुला राशि: आपको माता श्री महालक्ष्मी जी की चालीसा का पाठ करना चाहिए।
वृश्चिक राशि: प्रतिदिन भगवान शंकर की उपासना करें और उन्हें श्वेत चंदन का लेप करें।
धनु राशि: आपको शुक्रवार के दिन शिवलिंग पर अक्षत अर्पित करने चाहिए।
मकर राशि: आपको शुक्रवार के दिन गौ माता की सेवा करनी चाहिए।
कुंभ राशि: आपको शुक्रवार के दिन चांदी का छल्ला अपनी अनामिका उंगली में धारण करना चाहिए।
मीन राशि: शुक्रवार के दिन माता पार्वती को लाल वस्त्र या लाल पुष्प अर्पित करें।
Ghanshyam Prasad Sahu
+91-79872 78335
chhattisgarhsandeshnews@gmail.com
© Chhattisgarh Sandesh. All Rights Reserved. Developed by TechnoDeva