क्या है मकसद: कंपनी ने बताया कि परिचालन दक्षता बढ़ाने और प्रबंधन संरचनाओं को सरल बनाने के लिए इस विलय का प्रस्ताव किया गया था। वर्तमान में टाटा कॉफी खाद्य और पेय पोर्टफोलियो के साथ दुनिया भर में उपभोक्ता उत्पाद व्यवसाय में लगी हुई है। टीसीएल और उसकी सहायक कंपनियों का परिचालन काफी हद तक इंस्टेंट कॉफी, ब्रांडेड कॉफी और बागान व्यवसाय में है।
वियतनाम में विस्तार की मंजूरी: इस बीच, टाटा कॉफी को वियतनाम स्थित अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडयरी कंपनी का क्षमता विस्तार करने के लिए निदेशक मंडल की मंजूरी मिल गई है। इसके लिए 450 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। निदेशक मंडल ने वियतनाम में अतिरिक्त 5,500 टन 'फ्रीज-ड्राय कॉफी' फैसलिटीज की स्थापना को मंजूरी दे दी है। टाटा कॉफी की वियतनाम कंपनी की मौजूदा क्षमता करीब 5,000 टन है। कुल क्षमता का करीब 96 प्रतिशत उपयोग में है।
शेयर का हाल: टाटा कॉफी के शेयर की बात करें तो बीते कारोबारी दिन यह 279.75 रुपये पर बंद हुआ। एक दिन पहले के मुकाबले शेयर में 0.68% की तेजी दर्ज की गई। ट्रेडिंग के दौरान शेयर की कीमत 283 रुपये तक पहुंची। यह शेयर के 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर है। इसका मार्केट कैप 5,224.90 करोड़ रुपये है।
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