रायपुर। टैगोर नगर स्थित श्री लालगंगा पटवा भवन में सोमवार6 जून 2022 को चल रहे प्रेरक प्रवचन के तहत श्रमण संघ के युवाचार्य महेंद्र ऋषि ने कहा, हमारी आत्मा पर कर्म की धूल जम गई है। इस दुर्लभ मानव जीवन में ही इसकी सफाई संभव है। यदि आप अभी भी ध्यान नहीं रखते हैं, तो आत्मा 84 लाख योनियों में यात्रा करेगी, वह भी विभिन्न प्रकार के कष्टों को सहते हुए।
काम-क्रोध, अभिमान-माया को त्यागने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा, जिनवाणी में सच्ची श्रद्धा रखो। विश्वास के साथ महावीर की वाणी सुनें। अगर आप कहीं घूमने जाते हैं, तो आप अपने दोस्तों को अपने साथ जाने की पेशकश कैसे करते हैं? इसी तरह अपने साथियों को भी सत्संग में आने के लिए प्रेरित करें।
जिन सुख-सुविधाओं को पाने के लिए आपने अपना पूरा जीवन लगा दिया है, वे मृत्यु के बाद भी यहीं रहेंगे। जरा सोचिए कि आप अपने जीवन का सदुपयोग कर रहे हैं या इस दुर्लभ मानव जीवन को बर्बाद कर रहे हैं।
अर्थ से अधिक कर्म पर ध्यान दें क्योंकि अर्थ यहीं रहेगा, कर्म आगे की यात्रा में आपका साथ देगा। संतश्री ने कहा, आज की शिक्षा में आपने जो जोड़ का गणित सीखा है, वह तब तक अधूरा है जब तक आप लोगों को जोडऩा नहीं सीखते। समाज से जुडऩा मत सीखो।
महावीर ने हमें दूसरों की सेवा और मदद करने का तरीका दिखाया है। मन, वचन या कर्म से कभी किसी को दुख न पहुंचाएं। याद रखें, अच्छे कर्मों की गति अच्छी होती है और बुरे कर्मों की गति अशुभ होती है।
Ghanshyam Prasad Sahu
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