नई दिल्ली: देश में हर रोज करोड़ों लोग ट्रेन के जरिये सफर करते हैं. भारतीय रेलवे (Indian Railways) भी यात्रियों के सफर को सुविधाजनक और बेहतर बनाने के लिए हमेशा प्रयासरत रहता है. जब से ऑनलाइन टिकट बुकिंग सर्विस शुरु हुई है, आम लोगों के लिए रेल में सफर करना और भी आसान हो गया है. क्योंकि अब टिकट के लिए न तो स्टेशन जाने की जरूरत पड़ती है और न ही किसी लंबी लाइन में खड़ा होना पड़ता है. आज के समय में ऑनलाइन टिकट सर्विस के जरिये मिनटों में टिकट बुक हो जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, रोजाना करीब 14.5 लाख ट्रेन टिकट का रिजर्वेशन ऑनलाइन किया जाता है.
रेलवे टिकट बुकिंग के लिए IRCTC के अलावा कई सारे मोबाइल ऐप या वेबसाइट्स मौजूद हैं, लेकिन 14.5 लाख में से 81% टिकट केवल IRCTC के जरिये बुक किए जाते हैं. ज्यादातर टिकट बुकिंग एजेंट भी IRCTC का ही इस्तेमाल करते हैं.ऑनलाइन रेल टिकटिंग में बाकी ऐप या वेबसाइट की हिस्सेदारी बेहद कम है.
इन दिनों ऑनलाइन टिकट सर्विस प्लेटफॉर्म ट्रेनमैन (TrainMan) चर्चा में है. हाल ही में अदाणी ग्रुप (Adani Group) ने ट्रेनमैन के 100% अधिग्रहण के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. जिसके बाद ऐसी खबरें आने लगी कि ये IRCTC का बड़ा कंपटीटर यानी प्रतिद्वंद्वी बन जाएगा. हालांकि, IRCTC ने तुरंत बयान जारी कर इसका खंडन भी कर दिया.
ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुकिंग सर्विस प्रोवाइडर पेटीएम (Paytm), मेक माय ट्रिप (makemytrip), रेड रेल (Redbus/RedRail), रेल यात्री (Railyatri), गो आईबीबो (GoIbibo) और ट्रेनमैन (TrainMan) जैसी 32 प्लेटफॉर्म हैं, जो सरकार द्वारा नियंत्रित IRCTC के 'B2C' यानी बिजनेस-टू-कंज्यूमर पार्टनर्स हैं. इस वजह से अगर आप इनमें से किसी भी ऐप या वेबसाइट से ट्रेन की टिकट बुक करते हैं तो IRCTC को मुनाफा होती है.
ये प्लेटफॉर्म ग्राहकों से टिकट बुकिंग पर जो सर्विस चार्ज लेती हैं, उनका एक हिस्सा कमीशन के तौर पर IRCTC को दिया जाता है. इस तरह रेलवे टिकटिंग में IRCTC का 100% एकाधिकार है. IRCTC ने बताया है कि है वित्त वर्ष 2022 में उसे Paytm के जरिये टिकट बुकिंग से 70 करोड़ रुपये मिले हैं.
IRCTC की कमाई का 54% हिस्सा Online Ticket से आता है. IRCTC हर बुकिंग पर सर्विस चार्ज लेती है. नॉन एसी क्लास के ये चार्ज 20 रुपये, जबकि एसी क्लास के लिए 40 रुपये है. ये पैसे IRCTC की कमाई में जुड़ते हैं. इसके अलावा ग्राहकों को 18% GST भी देना होता है, जो सरकार को जाता है.ICICIdirect के अनुसार, इसके अलावा IRCTC के पास कमाई के और भी कई साधन हैं. अपनी खानपान सेवा IRCTC Food से ये 27% कमाई करता है.रेल नीर यानी बोतलबंद पानी से 9% कमाईहोती है. टूरिज्म यानी टूर पैकेजेस बेचकर ये 8% कमाई करता है, जबकि इसकी 2% कमाई तीर्थाटन से होती है.
अब सवाल है कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग सेक्टर में IRCTC के लिए सबसे बड़ा कंपटीटर कौन है और इसे किससे बड़ी चुनौती मिल रही है? इसको लेकर ICICIdirect ने कहा है कि IRCTC का कंपटीशन अन्य बुकिंग पोर्टल या सर्विस से नहीं, बल्कि ऑफलाइन रेलवे टिकटिंग (और एयरलाइंस) से है. हालांकि, रेल टिकटिंग में पिछले एक दशक में IRCTC ने ऑफलाइन रेलवे टिकटिंग को काफी पछाड़ा है.
आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2010-11 में 40% टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग होती थी, वहीं, 2013-14 में ये आंकड़ा 10% बढ़कर 50% तक पहुंच गया. जबकि 2021-22 में 80.5% यानी करीब 81% बुकिंग ऑनलाइन ही होती है. ये आंकड़े केवल IRCTC के हैं.
Ghanshyam Prasad Sahu
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