वैदिक सत्संग समिति भारत स्वाभिमान एवं पतंजलि के संयुक्त तत्वाधान में राम मंदिर में होली का महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राकेश दुबे ने कहा यह पर्व नए अन्न का पर्व है यज्ञ के माध्यम से अन्न को ईश्वर को समर्पित किया जाता है।
वैदिक सत्संग समिति के अध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल ने कहा भारतीय संस्कृति में पर्वों का बहुत महत्व है पूर्ण राम पर्व के द्वारा अपने जीवन को सुसंस्कृत करने का संदेश ऋषियों ने दिया है।
कार्यक्रम में सुशील स्वामी नंदकुमार ने मंत्र उच्चारण किया।
मुख्य वक्ता आचार्य डॉ अजय आर्य ने कहा- पर्व जीवन को आनंद से भरने के लिए आते हैं। संस्कृत में पर्व का अर्थ है पूरा करना। जीवन में जो अधूरा है उसे पूरा करने का संकल्प लेना सीखते हैं पर्व से। होली भी दिवाली का एक रूप है क्योंकि दिवाली में भी अन्न की पूजा की जाती है और होली में भी अन्न की पूजा की जाती है। अन्न को ब्रह्म कहा गया है। होली का पर्व भक्ति का पर्व है। प्रहलाद को करने की कोशिश की गई किंतु जाकर रखो साइयां मार सके न कोई। प्रहलाद की विजय भक्त की विजय है। यह भक्ति का पर्व है हुड़दंग का नहीं।
यज्ञधूम्र पान करने से खांसी, दमा, प्रतिश्याय, हनुग्रह, शिरारोग तथा वात-कफ जनित रोग नष्ट हो जाते हैं। औषधियों के धुएँ का सेवन करने से इन्द्रियाँ वाणी तथा मन भी प्रसन्न होते हैं। बाल नहीं झड़ते, दांत सुदृढ़ होते हैं एवं मुख सुगन्धित रहता है। वैज्ञानिक भी आज यज्ञ की महत्ता को स्वीकार करने लगे हैं।
कार्यक्रम में संजय अग्रवाल सुनीता अग्रवाल डॉ. शिवकुमार शर्मा, मलखंब वर्मा, संजय शर्मा, नंदकुमार यादव, नवीन कुमार यदु, संजय पोद्दार, संतोष अग्रवाल, शिवम गुप्ता, शीतल पटेल अजय साहू, देवेश साहू, एसपी साहू, भूपेंद्र, कृष्ण कमल नवीन शर्मा, संजय शुक्ला आदि सैकड़ो लोग उपस्थित रहे। मधु बहादुर ने सुमधुर भजन प्रस्तुत किया। शांति पाठ और प्रसाद वितरण के साथ उल्लास पूर्वक कार्यक्रम संपन्न हुआ।
Ghanshyam Prasad Sahu
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