पिछले रविवार को NEET की परीक्षा हुई है और दूसरे दिन सभी परीक्षार्थी मिलने वाले अंकों का जोड़ कर लिए तथा अपने दोस्तों के साथ हंसना रोना शुरू कर दिए! कुछ बच्चे गुमसुम हो गए होंगे। हार और असफलता का झटका बहुत भयानक होता है!
दो दिन पहले 10 वीं और 12 वीं का रिज़ल्ट घोषित हुआ है।
स्वाभाविक है कुछ बच्चों ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया होगा। उनके मार्क्स अच्छे नहीं होंगे। वे उदास होंगे, उनके माता पिता बहन भाई सब उनको कोस रहे होंगे।
बच्चे अपनी गलती और असफलता पर अंदर ही अंदर घुल रहे होंगे और परिवार को पता नहीं होगा!
ऐसे में बहुत से बच्चे गलत कदम उठा लेते हैं!
अब परिवार वालों की जिम्मेदारी होती है कि उनके हौसले को पस्त न होने दें! उनको प्यार और सांत्वना दें! उनको समझाएं कि फेल होने से जिन्दगी खत्म नहीं होती; आप अगली बार अच्छे मार्क्स लायेंगे।
बच्चों को टूटने से बचाएं। बच्चों को आत्महत्या जैसे कार्यों से बचाएं।
कुछ दिन बच्चों को अकेला न छोड़ें! उनके साथ अच्छी अच्छी और हंसी खुशी भरी बातचीत करें। उनको फिल्म दिखाने ले जाएं।
हो सके तो बच्चे को कहीं घुमाने ले जाएं, ताकि वह असफलता की पीड़ा से बाहर निकल सके।
कोरोना के बाद से हमारा परिवार और समाज बहुत एग्रेसिव और मानसिक रूप से कमजोर हो गया है। विपरीत परिस्थितियों को झेल नहीं पा रहा, तनावग्रस्त होकर गलत कदम उठा सकता है.!
टीप: इस संदेश का उद्देश्य आपको जागरूक करना है, आपको डराना नहीं है!
Ghanshyam Prasad Sahu
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