भारतीय टीम आखिरीबार 2013 में आईसीसी ट्रॉफी जीतने में सफल हुई थी। उस समय एमएस धोनी टीम के कप्तान थे। इसके बाद से न तो धोनी, न विराट कोहली और न ही रोहित शर्मा टीम को खिताबी जीत आईसीसी इवेंट में दिला सके हैं। ऐसे में सवाल उठने लाजमी हैं, क्योंकि बीसीसीआई दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड है। इसी वजह से पूर्व चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर ने कुछ अहम बातों का जिक्र किया और वे टीम के मौजूदा चयनकर्ताओं से निराश दिखे।
दिलीप वेंगसरकर ने हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए दावा किया कि रोहित शर्मा अभी कप्तान हैं, लेकिन टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं ने रोहित के उत्तराधिकारी के रूप में एक आदर्श उम्मीदवार को तैयार नहीं किया है। ये विफलता है। उन्होंने कहा, "दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि पिछले छह-सात वर्षों में, मैंने जिन चयनकर्ताओं को देखा है, उनमें न तो विजन है, न ही खेल के बारे में गहरी जानकारी है और न ही क्रिकेट की समझ है।"
उनका कहना है, "चयनकर्ताओं ने शिखर धवन को भारत का कप्तान बनाया (जब दौरे ओवरलैप हो गए और मुख्य खिलाड़ी उपलब्ध नहीं थे); यहीं पर आप भविष्य के कप्तान को तैयार कर सकते हैं।" वेंगरसरकर ने आगे टीम मैनेजमेंट की आलोचना की और कहा, "आपने किसी को तैयार नहीं किया है। आप बस आते ही खेलते हैं। आप दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड की बात करते हैं, बेंच स्ट्रेंथ कहां है? सिर्फ आईपीएल होना, मीडिया राइट्स में करोड़ों रुपये कमाना ही एकमात्र उपलब्धि नहीं होनी चाहिए।"
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