स्पोर्ट्स डेस्क. पिछले कुछ वर्षों से भारत और पाकिस्तान की राजनीतिक संबंध अच्छे नहीं चल रहे हैं. कभी कश्मीर मुद्दा तो कभी आतंकवाद के कारण पड़ोसी देश का भारत से संबंध में कटुता भरी हुई है. विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच संबंध के संबंध सिर्फ क्रिकेट से ही सुधर सकते हैं. लेकिन, समय-समय पर इसे भी लेकर पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों का उलटा बयान आता रहता है. ऐसा ही एक बयान पाकिस्तान के पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद का आया है जिसमें उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को किसी भी टूर्नामेंट के लिए भारत का दौरा नहीं करना चाहिए.
बता दें कि, इस वर्ष आईसीसी वनडे विश्वकप का आयोजन भारत में किया जा रहा है. इस पर 66 वर्षीय दिग्गज बल्लेबाज ने कहा कि अक्टूबर-नवंबर में होने वाले वनडे विश्वकप से पहले अगर भारतीय टीम पाकिस्तान का दौरा नहीं करती है तो पाकिस्तान को भारत में विश्वकप खेलने नहीं जाना चाहिए. विश्व कप से पहले एशिया कप खेला जाना है और इसका आयोजन पाकिस्तान और श्रीलंका में होगा.
बीसीसीआई ने अपनी टीम को पाकिस्तान भेजने से मना कर दिया था. मियांदाद ने कहा कि पाकिस्तान 2011 और यहां तक कि 2016 में भारत गया और अब भारतीयों की बारी है कि वे यहां आएं. उन्होंने कहा कि अगर मुझे फैसला करना होता तो मैं कभी भी कोई मैच खेलने भारत नहीं जाता, यहां तक कि विश्व कप खेलने भी नहीं, हम हमेशा उनके साथ खेलने के लिए तैयार रहते हैं, लेकिन वे कभी हमारे यहां खेलने को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं देते हैं.
मियांदाद ने कहा कि पाकिस्तान का क्रिकेट बड़ा है. हम अब भी स्तरीय खिलाड़ी तैयार कर रहे हैं. इसलिए मुझे नहीं लगता कि अगर हम भारत नहीं जाते हैं तो इससे हमें कोई फर्क पड़ता है. कोई भी अपना पड़ोसी नहीं चुन सकता इसलिए यह बेहतर है कि एक-दूसरे के साथ सहयोग की भावना रखें. क्रिकेट ऐसा खेल है जो लोगों को करीब लाता है तथा देशों के बीच गलतफहमी और शिकायतों को दूर कर सकता है. गौरतलब है कि भारत ने पिछली बार 50 ओवर के एशिया कप के लिए 2008 में पाकिस्तान का दौरा किया था. इसके बाद से दोनों देशों के बीच भू-राजनीतिक तनाव के कारण द्विपक्षीय क्रिकेट रिश्ते निलंबित हैं.
Ghanshyam Prasad Sahu
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