नई दिल्ली . भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप 2023 में इतिहास रच डाला है। भारत ने मेक्सिको को हराकर विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप में पहला गोल्ड मेडल जीता। भारत ने एकतरफा फाइनल मुकाबले में शीर्ष वरीयता प्राप्त मेक्सिको को 235-229 से रौंदा। भारत ने सेमीफाइनल में कोलंबिया और क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपै को शिकस्त दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय टीम को ऐतिहासिक गोल्ड जीतने पर बधाई दी है।
पीएम मोदी ने शनिवार को ट्विटर पर लिखा, ''भारत के लिए यह गर्व का पल है क्योंकि हमारी असाधारण कंपाउंड महिला टीम ने बर्लिन में आयोजित विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप में भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाया। हमारे चैंपियंस को बधाई! उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के कारण यह बेहतरीन परिणाम आया है।'' भारत ने 1981 में पुंटा अला (इटली) में विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप की शुरुआत के बाद यह पहली बार तीरंदाज विश्व चैंपियन बना है। भारत इससे पहले विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप में रिकर्व वर्ग में चार बार और गैर-ओलंपिक कंपाउंड वर्ग में पांच बार फाइनल में हार चुका है।
ज्योति ने कहा, ''हम प्रक्रिया पर ध्यान दे रहे है। हमने पर्याप्त रजत पदक जीते थे और हमने कल सोच लिया किया था कि हम स्वर्ण जीतेंगे। यह एक शुरुआत है और हम और अधिक पदक जीतेंगे।'' हाल ही में अंडर-18 विश्व चैंपियन बनने वाली सत्रह साल की अदिति इस की सबसे जूनियर सदस्य हैं। उन्होंने कहा, ''देश के लिए पहला पदक जीतना और भारतीय ध्वज को लहराते देखना एक विशेष क्षण है।''
ऐसे समय में जब भारतीय रिकर्व तीरंदाज गिरावट की स्थिति में हैं, गैर ओलंपिक कंपाउंड वर्ग में इस जीत से टीम का हौसला बढ़ेगा। इस टूर्नामेंट में भारत के सभी रिकर्व तीरंदाज पदक की दौड़ से बाहर हो गए हैं। धीरज बोम्मदेवरा और सिमरनजीत कौर के गुरुवार को प्री-क्वार्टर फाइनल से बाहर होने रिकर्व वर्ग में भारत की चुनौती खत्म हो गई है। भारत ने पिछली बार डेन बॉश नीदरलैंड में 2019 सत्र में विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप के रिकर्व वर्ग में पदक जीता था।
Ghanshyam Prasad Sahu
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