March 24, 2024   gpsahu



विश्व कविता दिवस पर साकेत साहित्य परिषद ने अपनी रजत जयंती मनाया ! साकेत एक भागीरथ प्रयास कर रहा : हरभजन भाटिया

बौद्धिक लोगों को जोड़कर रखना एक बड़ा काम - कुबेर सिंह साहू

सुरगी राजनंदगांव- विश्व कविता दिवस पर साकेत साहित्य परिषद सुरगी ने अपना 25 वां स्थापना दिवस मनाया। इस रजत जयंती कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध मानस मर्मज्ञ एवं उद्भट विद्वान हरभजन सिंह भाटिया सुरगी थे एवं अध्यक्षता प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार एवं साकेत परिषद के संरक्षक कुबेर सिंह साहू ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में अमृत दास साहू सचिव, प्रवाह साहित्य समिति डोंगरगढ़, यूनुस अजनबी संगठन सचिव, पुरवाही साहित्य समिति पाटेकोहरा, छुरिया, मानसिंह ठाकुर शिक्षक एवं वासुदेव साहू लोक गायक उसरीबोड़ थे। सर्वप्रथम ज्ञान दायिनी मां शारदे की पूजा अर्चना की गई। लोक गायक एवं कवि डोहर दास साहू ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया। स्वागत भाषण संस्था के अध्यक्ष लखनलाल साहू लहर ने दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मानस टीकाकार हरभजन सिंह भाटिया ने कहा कि साकेत के साथियों ने प्रतिकूल परिस्थितियों में भी जिस प्रकार से संस्था को सफलतापूर्वक संचालित किया वह अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि साकेत परिषद ने मुझे भी खूब आगे बढ़ाया। आज एक मानस टीकाकार के रूप में जो मेरी पहचान स्थापित हुई है उसका श्रेय साकेत परिषद को ही जाता है। सन 2001 में जब मुझे "साकेत सम्मान" प्रदान किया गया। उस समय साकेत के वरिष्ठ सदस्य एवं राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक कामता प्रसाद सिन्हा भरदाकला की खोजी नजर मुझ पर पड़ी और मैं मानस से जुड़ गया और इस प्रकार मेरी जिंदगी में यह एक टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। भाटिया ने कहा कि साकेत ने साहित्यकारों एवं लोक कलाकारों को सम्मानित कर प्रोत्साहन देने का एक भागीरथ प्रयास किया है। इससे छुपी हुई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार कुबेर सिंह साहू ने कहा कि जिस प्रकार मेंढक को तराजू में तौलना बहुत कठिन काम है उसी प्रकार बौद्धिक लोगों को एक साथ जोड़कर रखना भी एक बड़ा काम है। इस दृष्टि से साकेत सहित परिषद सफल साबित हुआ है। उन्होंने उन सुखद संयोगों का भी जिक्र किया जिसके चलते साकेत साहित्य परिषद के गठन का मार्ग प्रशस्त हुआ और फलस्वरूप 21 मार्च 1999 को शाम 5.30 बजे ओमप्रकाश साहू अंकुर के निवास में परिषद का गठन हुआ। उन्होंने कहा कि 25 वर्ष पहले साकेत परिषद का गठन इस अंचल को एक अविस्मरणीय घटना है। परिषद उन लोगों को भी संदेश देने में सफल रहा, जो लोग 25 वर्ष पहले गठन के समाचार को पढ़कर टिप्पणी की थी कि ग्रामीण क्षेत्र में साहित्यिक संस्था नहीं चल पाएगी और यह संस्था दो चार माह में बंद हो जायेगी। कुबेर ने आगे कहा कि परिषद ने प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकारों के साथ साथ महान कला साधकों को अपनी ओर आकर्षित करने में सफल रहा है और वे महानुभाव वार्षिक समारोह में सहृदयता पूर्वक शिरकत भी किए हैं। यह परिषद की एक बड़ी उपलब्धि है। "साकेत स्मारिका" का लगातार प्रशासन और प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकारों द्वारा इस सराहा जाना हमारी संस्था की उपलब्धि है। कुबेर जी ने संस्था से जुड़े और संस्था के कार्यक्रम में उपस्थित उन साहित्यकारों एवं लोक कलाकारों का स्मरण किया, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय पंथी नर्तक देवदास बंजारे, लोक संगीत सम्राट खुमान साव, समीक्षक डा. गोरेलाल चंदेल, गजलकार मुकुंद कौशल, भाषाविद डा.नरेश कुमार वर्मा, समीक्षक यशवंत मेश्राम, गैंद लाल साहू "दीया", दुर्गा प्रसाद श्याम कुंवर एवं नंदकुमार साहू सम्मिलित हैं। संस्था के अध्यक्ष लखनलाल साहू लहर ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए साकेत के सदस्यों के संघर्ष के दिनों को याद किया और विभिन्न संस्मरण सुनाए। उन्होंने संस्था की उपलब्धियां पर भी प्रकाश डाला। लहर ने कहा कि मासिक काव्य गोष्ठी एवं वार्षिक सम्मान समारोह में विभिन्न विषयों पर परिचर्चा करना हमारी संस्था की एक बड़ी उपलब्धि है जिसकी तारीफ प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकारों एवं सुप्रसिद्ध लोक कलाकारों ने की है।  उन्होंने संस्था को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न अखबारों के संपादकों, पत्रकारों, संस्था के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ ही अन्य लोगों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने संस्था को आगे बढ़ाने में सहयोग प्रदान किया है।


इस अवसर पर परिषद के सभी सदस्यों ने विभिन्न संस्मरण सुनाते हुए अपना विचार रखा और रजत जयंती कार्यक्रम को यादगार बना दिया। 


इस अवसर पर दिलीप साहू "अमृत" पूर्व अध्यक्ष, फागू दास कोसले, मान सिंह ठाकुर बसंतपुर, भागवत लाल देवांगन चिखली, यूनुस "अजनबी", अमृत दास साहू, वासुदेव साहू, लखनलाल साहू "लहर", ओमप्रकाश साहू अंकुर, कुलेश्वर दास साहू, राजकुमार चौधरी "रौना", रोशन लाल साहू, फकीर प्रसाद साहू "फक्कड़", कैलाश साहू कुंवारा, पवन यादव पहुना, आनंद राम सार्वा, हिपेन्द्र साहू  सुंदरा, मदन मंडावी ढारा, डोहर दास साहू, डॉ एस कुमार साहू, शेखर साहू, ढाल सिंह साहू, जनक साहू, राजू साहू , श्रीमती केंवरा साहू, श्रीमती प्रभा साहू एवं अन्य लोगों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन पूर्व अध्यक्ष ओम प्रकाश साहू अंकुर एवं धन्यवाद ज्ञापन पवन यादव पहुना ने किया। परिषद के अध्यक्ष लखन लाल साहू लहर ने बताया कि रजत जयंती वर्ष में भव्य वार्षिक सम्मान समारोह बाद में आयोजित किया जाएगा। रजत जयंती साकेत स्मारिका भी प्रकाशित की जावेगी।

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