16 अप्रैल 2024 भारतवंशी बौद्ध धर्म अनुयाई,
महान चक्रवर्ती सम्राट अशोक मौर्य की जयंती पर समस्त देश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !
बौद्ध धर्म अनुयाई "महान चक्रवर्ती सम्राट अशोक मौर्य" एक विश्वविख्यात महान योद्धा, प्रजापालक, न्यायप्रिय शासक का जन्म चैत्र शुक्लपक्ष अष्टमी को ईसा पूर्व 304 में हुआ था।
महान चक्रवर्ती सम्राट अशोक मौर्य ने सिर्फ 84 हजार स्तूप चैत्य ही नहीं बनवाये , अपितु उन्होंने 52 लाख स्क्वायर किलोमीटर भारत का क्षेत्रफल भी बनाया जिसे *अखंड भारत* कहा जाता था।
विश्व विख्यात नालंदा, तक्षशिला एवं विक्रमशिला जैसे कई विश्वविद्यालय बनावाए थे, जिसमें विदेशों से लोग शिक्षा ग्रहण करने भारत आते थे।
ईसा पूर्व भारत में 500 BC से बौद्ध सभ्यता थी, कोई भी भारत पर आंख उठाकर देखने की हिम्मत नहीं करता था।
सिकंदर आया लेकिन सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य से डर कर भाग गया, महान चक्रवर्ती सम्राट अशोक के दौर में भारत पर हमला करना तो दूर, विदेशी राजा - महाराजाओं को यह डर सताने लगा था कि कहीं महान चक्रवर्ती सम्राट अशोक उनके साम्राज्य पर आक्रमण न कर दें।
मध्य एशिया पूरा गंधार, अफ़ग़ानिस्तान, ईरान, नेपाल, म्यांमार भारत के अभिन्न अंग थे।
इसलिए कहा जाता है:
था सूर्य चमकता मौर्यों का घनघोर बदरिया डरती थी।
था शेर गर्जता सीमा पर बिजली भी आहें भरती थी ।।