May 06, 2024   gpsahu



नगर निगम रायपुर के जन सम्पर्क विभाग के कर्मचारी एवं लेखक अजय वर्मा नहीं रहे !

उन्होंने प्रो. घनाराम साहू के मार्गदर्शन में "हमर रायपुर" किताब लिखी थी

रायपुर 6 मई/  पूर्व पत्रकार व नगर निगम रायपुर के जनसंपर्क/ प्रेस विभाग में कार्यरत अजय वर्मा का आज सुबह एक निजी अस्पताल में निधन हो गया।

डगनिया, रायपुर निवासी 49 वर्षीय अजय वर्मा मूलत: पत्रकार थे और रायपुर से प्रकाशित होने वाले अखबारों में उन्होंने अपनी सेवाएं दी। मिलनसार स्वभाव के अजय वर्मा ने नगर निगम रायपुर के जनसंपर्क/ प्रेस विभाग में कार्य के दौरान अनेक पुस्तकें लिखी। लोकसभा चुनाव में उनकी ड्यूटी लगी हुई थी। इसी दौरान स्वास्थ्य ठीक न होने लो बीपी की शिकायत होने पर उनको चौबे कालोनी के एक निजी अस्पताल में शुक्रवार को भर्ती किया गया था। बाद में उन्हें देवेंद्र नगर के अस्पताल में लाया गया, जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उनको वेंटिलेटर पर रखा गया था। जहां आज सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।


उन्होंने प्रो. घनाराम साहू रायपुर के मार्गदर्शन में रायपुर के ऊपर "हमर रायपुर" किताब भी लिखी है, जो कि अमेजान डॉट कॉम एवं सीजी बुक्स कार्ट्स डॉट कॉम में उपलब्ध है!


 हमारे प्रिय मित्र अजय वर्मा को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि!

आज मित्र अजय वर्मा की निधन का समाचार सुनकर  कुछ पल के लिए हतप्रभ हो गया था। मेरे पुत्र द्वारा दी गई सूचना पर मुझे विश्वास ही नहीं हुआ और फेसबुक में समाचार की सत्यता परखने हम दोनों से जुड़े मित्रों का पोस्ट ढूंढने लगा। खबर सही थी।

अजय वर्मा जी से परिचय फेसबुक में ही हुआ था। हम दोनों की कुछ अभिरुचियां समान थी, इसलिए निकट आए। 

वर्मा जी ने रायपुर के पूरा वैभव और इतिहास पर निरंतर नित नई जानकारी देकर अनेक रोचक तथ्य संकलित किए थे। उन्होंने संकलित सामग्री को पुस्तकाकार देने विमर्श किया और मैंने यथासंभव सहायता करने का वचन देकर प्रोत्साहित किया था। फेसबुक में लिखी सामग्रियों का प्रिंट निकालकर व्यवस्थित करने के आग्रह के साथ उन्होंने पूरा फाइल मुझे थमा दिया था। दिए गए वचनानुसार मैंने पूरा एक सप्ताह तक वाक्यों में काट -छांट और व्यवस्थित कर उन्हें वापस दिया था। इस कार्य से निकटता बढ़ी और वे अपनी श्रीमति के साथ दो से अधिक बार हमारे घर आए। 

कोविड काल में वे स्वयं होकर लगभग प्रतिदिन मुझसे फोन में बातचीत कर हाल जान लेते थे।

 वर्मा जी गत वर्ष बेटी को इंजीनियरिंग में प्रवेश दिलाने और इस वर्ष बेटा को कोचिंग दिलाने लगातार विमर्श करते रहे।

वे स्पष्टवादी होने के साथ साफ दिल के व्यक्ति थे, ऐसे कम लोग होते हैं। मित्र मंडली में इनकी कमी अखरेगी। मैं अपने प्रिय मित्र को श्रद्धांजलि समर्पित करता हूं !


प्रो. घनाराम साहू, रायपुर

Related Post

Advertisement



Trending News

संपादकीय

Get In Touch

Ghanshyam Prasad Sahu

+91-79872 78335

chhattisgarhsandeshnews@gmail.com

© Chhattisgarh Sandesh. All Rights Reserved. Developed by TechnoDeva