May 30, 2024   gpsahu



जरहा मरका छुरिया में पुरवाही साहित्य समिति पाटेकोहरा की मासिक गोष्ठी सम्पन्न हुई

"अकती तिहार" छग का पहली किसानी तिहार है: महेंद्र कुमार बघेल "मधु"

गत 26 मई को ग्राम जरहामहका (छुरिया)में पुरवाही साहित्य समिति पाटेकोहरा (छुरिया) की परिचर्चा व मासिक गोष्ठी नंदकुमार साहू 'नादान' जी के संयोजन में सम्पन्न हुआ। 

कार्यक्रम का प्रारंभ माँ शारदे की पूजन वंदन से हुआ। कार्यक्रम का आयोजन दो सत्रों में था । प्रथम सत्र में 'किसानी के पहली तिहार अकती' विषय पर चर्चा -परिचर्चा तथा द्वितीय सत्र में उपस्थित कवियों द्वारा सरस काव्यपाठ का आयोजन था।

परिचर्चा के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार महेंद्र कुमार बघेल 'मधु' थे, अध्यक्षता श्री घनश्याम साहू सरपंच ने की तथा आधार व्यक्तव्य पुरवाही साहित्य समिति के संयोजक श्री ओमप्रकाश 'अंकुर' के थे।

मुख्य अतिथि ने "अकती तिहार" को किसानी जीवन के प्रथम त्यौहार के रूप में बताते हुए पुतरा -पुतरी की प्रासंगिकता को मानव जीवन से जोड़ा। अध्यक्ष की आसंदी से साहू जी ने कहा कि आज से ही खेती का काम शुरू हो जाता है। आधार वक्तव्य के रूप में अंकुर जी बताया कि अकती पूरे ग्रामवासी माता देवाला में एकत्र होकर पूजन वंदन से शुरू होने वाले किसानी त्यौहार है। परिचर्चा में उपस्थित सभी साहित्यकारों ने अकती तिहार पर अपने विचार कर इसकी महत्ता को रेखांकित किया।

 

 दूसरे सत्र में सरस काव्यपाठ का आयोजन हुआ। इस सत्र के मुख्य अतिथि श्री सीताराम साहू "वरिष्ठ नागरिक" थे, अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार श्री अरविंद कुमार लाल ने की तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ कवि श्री रामकुमार चंद्रवंशी, धिराजी राम चंद्रवंशी एवं नान्हू राम चंद्रवंशी उपस्थित थे।


काव्यपाठ में कवियों ने अपनी सरस प्रस्तुति से मंत्रमुग्ध कर दिया। सर्वप्रथम वरिष्ठ कवि अरविंद कुमार लाल ने मद्यपान निषेध पर गीत सुनाया, रामकुमार चंद्रवंशी ने घनाक्षरी व सवैया छन्द में रचना "जीवन की सीख" पढ़ी, ओमप्रकाश साहू 'अंकुर' ने दोहे व आगे नवा जमाना गीत प्रस्तुत किया, ग्वाला प्रसाद यादव 'नटखट' ने समसामयिक व्यंग्य गीत "चारों डहर हे मुसवा" सुनाकर सचेत किया तो कोमलसिंह गुरु ने बच्चों की गिनती एक दो तीन चार पढ़ी, शिवप्रसाद लहरे ने सरस छत्तीसगढ़ी गीत गाया, हेमलाल सहारे ने चेतावनी गीत "तोर नांगर ला सुधार भैया" सुनाया, रमेश मंडावी ने छन्द बध्द गीत व तिरंगा पर गज़ल प्रस्तुत किया, यूनुस अजनबी ने छत्तीसगढ़ के "बोरे बासी" पर रचना सुनाया, नंदकुमार साहू 'नादान' ने जयकारी छन्द में किसान पर गीत पढ़ा, सीताराम साहू ने भजन प्रस्तुत किया, राजेन्द्र साहू ने व्यंग्य रचना पढ़कर चुटकी ली तथा होरीलाल भुआर्य ने ददरिया की प्रस्तुति दी। 


इस कार्यक्रम में काव्यप्रेमी ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन हास्य मिश्रित शैली के धनी ग्वाला प्रसाद यादव 'नटखट' ने किया। कार्यक्रम के अंत में नंदकुमार साहू 'नादान' ने सभी उपस्थित कवियों को धन्यवाद प्रेषित कर आभार व्यक्त किया।

Related Post

Advertisement



Trending News

संपादकीय

Get In Touch

Ghanshyam Prasad Sahu

+91-79872 78335

chhattisgarhsandeshnews@gmail.com

© Chhattisgarh Sandesh. All Rights Reserved. Developed by TechnoDeva