December 24, 2024   gpsahu



सत्तासीन होने के लिए समाज को शिक्षित करो, संगठित करो और दहाड़ो : डॉ. रामनिवास साहू

भारतीय तैलिक साहू राठौर महासभा दिल्ली के अधिवेशन अवसर पर डॉ. रामनिवास साहू के उपन्यास "बारहवीं पास" का लोकार्पण हुआ!

रायपुर 23 दिसंबर/ गत रविवार को भंसाली मैरिज पैलेस टाटीबंध रायपुर में भारतीय तैलिक साहू राठौर महासभा नई दिल्ली का 16वां अधिवेशन सम्पन्न हुआ। उक्त कार्यक्रम में मंचासीन पदाधिकारियों ने एक सुर में दहाड़ते हुए कहा -- आगे बढ़ो! आगे बढो़ !! आगे बढ़ो !!! सत्तासीन होने के लिए ग्रामीण व नगरीय आयोजन कर मंच में दहाडिए! दहाडिए !! और दहाड़िए !!! जिससे हमारी आवाज विधानसभा तथा लोकस‌भा तक सुनाई है। इसमें 27 राज्यों के प्रतिनिधि शामिल थे।

      

मंचासीन अतिथियों में मा. राकेश राठौर मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार, मा. रविकरण साहू अध्यक्ष, तेलघानी बोर्ड, मप्र शासन, श्री आर.एस. विश्वकर्मा अध्यक्ष, पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग, छग शासन, मा. संगमलाल गुप्त, पूर्व सांसद उप्र, मा. चंदूलाल साहू, पूर्व सांसद महासमुंद छग, मा. श्री लखन लाल साहू राष्ट्रीय निर्देशक सहकारी समिति, राष्ट्रीय अध्यक्ष उमेश नंदलाल साहू नागपुर, श्री संजय साहू कार्यकारी अध्यक्ष लखनऊ, श्रीमती रेखा दिनेश साहू राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष, राजनांदगांव, श्री सुनील साहू राष्ट्रीय महामंत्री अमरावती महाराष्ट्र, श्री एस.पी. गुप्ता, मुंबई तथा छत्तीसगढ़ के अनेक संगठनों के अध्यक्ष, सचिव व सदस्यगण उपस्थित थे। इस अवसर पर समाज की मातृशक्तियों और बेटियों द्वारा सुआ नाच, शिव तांडव, राजस्थानी, गुजराती नृत्यों की मनोहारी प्रस्तुति के साथ -साथ युवक -युवती परिचय के आयोजन ने कार्यक्रम को राष्ट्र स्तरीय तथा अविस्मरणीय बना दिया। सबका श्रेय आयोजक मंडल के अध्यक्ष श्री अशोक कुमार सरजू प्रसाद साहू रायपुर  को जाता है।

       इस अवसर पर केन्द्र सरकार में पूर्व हिन्दी अधिकारी डॉ० रामनिवास साहू  कृत उपन्यास "बारहवीं पास' का लोकार्पण कर मंच ने गर्व अनुभव किया। यह उपन्यास शिक्षा, संगठन, संघर्ष व सत्ता के कथानक  पर लिखा गया है, जो युवाओं को उचित मार्गदर्शन देता है। इसके प्रकाशन के लिए डॉ. रामनिवास साहू जी को बधाइयां एवं शुभकामनाएं !



पुस्तक समीक्षा: शिक्षा के महत्व को दर्शाती है कृति : "बारहवीं पास” 

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद एवं साहित्यकार डॉ रामनिवास साहू जी की कृति” बारहवीं पास” शिक्षा के महत्व को दर्शाती अनुपम कृति है। जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ी एवं हिंदी में लिखित 27 लघु आलेखों के माध्यम से दर्शित किया है। उन्होंने अपने मंतव्य को स्पष्ट करते हुए लिखा है कि “पढ़ाई ! पढ़ाई! आज के लइका मन ल पढ़ैया बनाय बर सबो कमर कस के तैयार खड़े हें। सबो तरफ पूरा संसार म नवा नवा नारा लगावत कान ल भैरा बना दे हें। तभो ले लईका मन मोबाइल लेके बिस्तर म परे पैर ताने सोवत हें। अरे दाउ! पढ़ाई हे तौ कढ़ाई हे, कढ़ाई हे तौ कमाई हे, अऊ कमाई हे तो मलाई हे। जेकर सपना सबो ह देखत हें। आज प्रजातंत्र हे जेमा सबो ला राजा बन के अधिकार हे। पढ़ाई ले पढइया मन म ज्ञान कौशल और आत्मविश्वास होथे, एकरे दमखम म मनसे आघू बढ़थे  जीरो ह हीरो बनथे । बताये जाथे  के पढ़ाई ले ज्ञान प्राप्ति, कौशल विकास आत्मविश्वास समाज म योगदान, आर्थिक विकास, व्यक्तिगत विकास, सामाजिक समानता, राष्ट्रीय विकास और संसार के समझ आथे। उन्होंने आगे लिखा हैं कि स्वामी विवेकानंद के कहना है के ”न केवल भारत के युवा को बल्कि संसार भर के युवाओं को आधुनिक शिक्षा ग्रहण करना चाहिए, जिससे वह सकारात्मकता के साथ जीवन यापन कर सकें।" डॉक्टर अब्दुल कलाम के कहना हे के “सपने पूरे हों इसके लिए सपना देखना आवश्यक है।"  साहस और ताकत, नेतृत्व, सम्मान, सहयोग और समर्थन कठिनाइयों का सामना, भ्रष्टाचार से मुक्ति, युवा शक्ति, मिशन में सफलता। 

इस तरह इस कृति में शिक्षा के महत्व को दर्शाते हुए युवाओं को शिक्षा के मार्ग पर प्रशस्त करने का सफलतम प्रयास किया गया है। 

 इस कृति के प्रकाशन के लिए मैं उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। -- डॉ राघवेंद्र कुमार दुबे बिलासपुर

Related Post

Advertisement



Trending News

संपादकीय

Get In Touch

Ghanshyam Prasad Sahu

+91-79872 78335

chhattisgarhsandeshnews@gmail.com

© Chhattisgarh Sandesh. All Rights Reserved. Developed by TechnoDeva