महिला बाल विकास विभाग, परियोजना पाटन, परिक्षेत्र गाडाडीह के आंगनबाड़ी केंद्र कुम्हली मे "बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान" का जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन गत 10 जनवरी शुक्रवार को किया गया।
बता दें कि इन दिनों विभाग द्वारा संभाग स्तरीय उन्मुखीकरण कर प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस उद्देश्य के प्रचार प्रसार के लिए किशोरी बालिकाओं के द्वारा परिवार कल्याण कार्यक्रम "छोटा परिवार सुखी" से परिवार संबंधित चर्चा परिचर्चा, रंगोली, चित्रकारी, पोस्टर, नारा प्रतियोगिता आयोजित किए गए। विजेता बालिकाओं को महिला बाल विकास विभाग परियोजना के तरफ से पुरस्कार वितरण किया गया।
इस अभियान मे परियोजना परिक्षेत्र गाडाडीह के आमालोरी, गुढियारी, खपरी, भैंसबोड, पौहा, कुम्हली, गाडाडीह गांवों के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बहनों ने अपने विभागीय कार्यक्रमों एवं हितग्राही मूलक योजनाओं की प्रस्तुति दी।
इस आयोजन की मुख्य अतिथि पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुम्हली की प्रधान पाठक प्रभा सिंह रहीं। उन्होंने अपने उद्बोधन में बाल विवाह के सामाजिक कुप्रभाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है जो बालिकाओं के कोमल मस्तिष्क पर भयंकर प्रतिघात की तरह है, इस सामाजिक बुराई को हर हाल मे समाप्त करना होगा।
आयोजन मे विशेष अतिथि के रूप उपस्थिति सेवानिवृत्त प्रधान पाठक गंगदेव प्रसाद देशमुख ने पुराने जमाने की प्रचलित बाल विवाह प्रथा को सामाजिक अभिशाप कहते हुए बताया कि इस कुप्रथा के चलते कम आयु की बालिकाओं की शारीरिक और मानसिक परिपक्वता के अभाव मे प्रसवगत मृत्यु अधिक होती थी, इससे समाज मे अनेक विसंगतियां पैदा होती रही है।
महिला बाल विकास विभाग परियोजना पर्यवेक्षक सुनीता पुषाम ने उपस्थित सभी माताओं, बहनों, विद्यार्थियों, ग्रामवासियों को छत्तीसगढ़ को बाल विवाह से पूर्णतः मुक्त कराने की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भुनेश्वरी साहू, जमूना चंद्राकर, शशिकला चंद्राकर, नेमेश्वरी महिपाल, टिकेश्वरी ठाकुर एवं शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय की छात्राएं उपस्थित रहीं।
Ghanshyam Prasad Sahu
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