सम्पूर्ण भारत को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के पोषण पखवाड़ा का सातवां चरण अभियान के रूप मे चलाया जा रहा है।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए एकीकृत महिला बाल विकास विभाग परियोजना पाटन, परिक्षेत्र गाड़ाडीह के आंगनबाड़ी बाड़ी केंद्र कुम्हली मे पोषण पखवाड़ा शिविर आयोजित किया गया। 8 अप्रैल से 22 अप्रेल 2025 तक चलने वाले अभियान मे कुपोषण जागरूकता से संबंधित प्रतिदिन विविध पोषण सुधार कार्यक्रम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बहनों द्वारा आयोजित किए जाते हैं। गर्भवती महिलाओं, बच्चों, किशोरी बालिकाओं को स्वस्थ एवं संतुलित पोषण आहार देकर उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रथम दिन सायकिल रैली निकाल कर कुपोषण के विरुद्ध सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया गया। स्वस्थ पोषक आहार को प्रोत्साहित करने के लिए समुदाय एवं जनप्रतिनिधियों के बीच परिचर्चा रखी गई। महिला बाल विकास पर्यवेक्षक सुनीता पुषाम ने कहा कि पोषित बच्चा ही कल का सशक्त भारत है। इसलिए माताएं बच्चों को साफ, स्वस्थ और पोष्टिक भोजन की आदत डालें और बाजार के फास्ट-फूड से बचें। इन दिनों बच्चों मे मोटापा बढ़ने की समस्या दिखाई दे रही है, इससे बचने के लिए हमें जंक फूड और हाइड्रोजनीकृत तेल से बने खाद्य सामग्री का बिल्कुल सेवन नहीं करना चाहिए।
परिचर्चा मे शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधान पाठक प्रभा सिंह ने भी कुपोषण पर अपने विचार रखते हुए कहा कि स्कूलों मे बच्चों को सहज रूप मे उपलब्ध जंक फूड नहीं खाने की हिदायत दी जाती और मोटापा कम करने के लिए शारीरिक गतिविधियां जैसे योग, व्यायाम, छोटे छोटे घरेलू कार्यों को स्वयं करने सीख दी जाती है। स्कूलों के 200 मीटर तक कैंटीन जंक फूड बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए। उपस्वास्थ्य केंद्र कुम्हली के हेल्थ आफिसर रिशु गुप्ता ने माताओं एवं बच्चों के संपूर्ण स्वास्थ्य जैसे -टीकाकरण, एनीमिया से बचने के उपाय, हीमोग्लोबिन, आयरन फोलिक एसिड टेब लेट के बारे जानकारी दी। पोषण पखवाड़ा शिविर मे 1000 दिन के महत्व पर विशेष प्रकाश डालते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भुनेश्वरी साहू ने बताया कि 270 दिन गर्भस्थ शिशु के एवं 365-365 दिन अर्थात दो वर्ष यह समय बच्चों के शारीरिक, मानसिक विकास के लिए अत्यंत संवेदनशील समय होता है। यह बच्चों के दीर्घकालिक अच्छे स्वास्थ्य की नींव है। माताओं एक बच्चों को पूर्ण संतुलित पोषण आहार मिलना चाहिए। शिविर मे गोद भराई, स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता और अन्नप्राशन संस्कार भी किए गए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बहनों द्वारा विभिन्न प्रकार के पोषण युक्त सब्जियां, दाल, सोयाबीन बड़ी, मुनगा, पालक, चौलाई, बथुआ भाजी, फलों को एकत्रित कर समुदाय को इनकी पौष्टिकता और शारीरिक मानसिक बौद्धिक विकास की क्षमता की जानकारी दी गई।
पोषण पखवाड़ा मे प्रतिदिन हितग्राही माताओं एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्कूली बच्चों और शिक्षकों को अभियान से जोड़कर स्वस्थ भारत, स्वस्थ छत्तीसगढ़, स्वस्थ समाज की अवधारणा को सफल बनाने की ईमानदार परिकल्पना की पहल है।
इस कार्यक्रम मे सरपंच टिकेश्वरी ठाकुर, उपसरपंच विजय कुमार साहू, पंच गण खिलावन साहू, धनेश्वर साहू, मेहतर यादव, मोगन सपहा, मोनिका साहू, पोराबाई, अनुराधा, परिक्षेत्र के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नीलम, अहिल्या संतोषी, तेजकुमारी (गाडाडीह) कांति, सरोजिनी, रुबी (कानाकोट), राधा शीला (गुढिय़ारी) गीता, फूलू,( आमालोरी), बेदमती, केरवा, कल्पना, लता, तारिणी (बेलौदी), पूर्णा, प्रेमलता (भैंसबोड), जमूना, शशि, नेमेश्वरी (कुम्हली), माहेश्वरी, परमीला (पौहा) आदि की विशेष उपस्थिति रही।
Ghanshyam Prasad Sahu
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